Suvichar in Hindi: जीवन में कुछ बातें बहुत छोटी लगती हैं लेकिन इनका असर बहुत बड़ा होता है। हमारी दादी नानी हमें जो सुविचार और नुस्खे बताती थीं वो सिर्फ बातें नहीं बल्कि जीवन का अनुभव थे। ये छह बातें ऐसी हैं जिन्हें अगर हम रोजमर्रा की जिंदगी में अपना लें तो हमारी सेहत और हमारे बच्चों की सेहत दोनों अच्छी रह सकती है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम इन छोटी छोटी बातों को भूल जाते हैं और फिर बीमारियां घेर लेती हैं। ये सब घरेलू नुस्खे और किचन टिप्स हैं जो हमारे बुजुर्गों ने पीढ़ी दर पीढ़ी बताए हैं।
Suvichar 1. मेहंदी जितनी देर बालों पर लगेगी उतना ही ज्यादा रंग आएगा
Answer: मेहंदी जितनी देर बालों पर लगी रहेगी उतना ही गहरा रंग आएगा और बाल मजबूत होंगे। मेहंदी को कम से कम दो से तीन घंटे बालों में लगाकर रखना चाहिए। अगर आप रात भर मेहंदी लगाकर रखें तो सबसे अच्छा रहता है। मेहंदी बालों को काला करती है जड़ों को मजबूत बनाती है और बालों का झड़ना कम करती है। इसमें प्राकृतिक ठंडक होती है जो सिर को ठंडा रखती है। मेहंदी लगाने से बालों में चमक आती है और रूसी की समस्या भी दूर होती है।
Suvichar 2. एड़ियों में दर्द होता है तो शरीर में कैल्शियम की कमी है
Answer: एड़ियों में दर्द होने का मतलब है कि आपको विटामिन और कैल्शियम की कमी हो सकती है। एड़ियों में दर्द होने पर सबसे पहले गुनगुने पानी में नमक डालकर पैर डुबोकर रखें। रोज रात को सोने से पहले पैरों की मालिश सरसों के तेल या नारियल के तेल से करें। ज्यादा देर तक खड़े रहने से बचें और आरामदायक जूते पहनें। अपने खाने में दूध दही पनीर और हरी सब्जियां शामिल करें। अगर दर्द बहुत ज्यादा है तो डॉक्टर को दिखाएं।
Suvichar 3. मूंछ के बालों का सफेद होना शरीर में कमी का संकेत है
Answer: मूंछ या दाढ़ी के बाल समय से पहले सफेद होने का मतलब है कि शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी है या फिर बहुत ज्यादा तनाव है। विटामिन बी12 की कमी से बाल जल्दी सफेद होते हैं। धूम्रपान करने वाले लोगों के बाल जल्दी सफेद हो जाते हैं। बहुत ज्यादा चिंता करना या गुस्सा करना भी बालों को सफेद कर देता है। इससे बचने के लिए अपने खाने में आंवला करी पत्ता काले तिल और बादाम शामिल करें। भरपूर नींद लें और तनाव से दूर रहने की कोशिश करें।
Suvichar 4. प्लास्टिक के बर्तन में खाना खाने से पीरियड्स की समस्या होती है
Answer: प्लास्टिक के बर्तनों में केमिकल होते हैं जो गर्म खाने से निकलकर खाने में मिल जाते हैं। इन केमिकल को बीपीए कहते हैं जो शरीर के हार्मोन को बिगाड़ देते हैं। महिलाओं में इससे पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं यानी कभी जल्दी आते हैं कभी देर से आते हैं। इससे पेट में दर्द भी बढ़ जाता है और प्रेगनेंसी में भी दिक्कत आ सकती है। हमेशा स्टील या कांच के बर्तन में खाना खाएं। प्लास्टिक के डब्बे में कभी भी गर्म खाना नहीं रखना चाहिए।
Suvichar 5. बच्चों को अक्सर दस्त उल्टी गैस और पेट दर्द होना सामान्य नहीं है
Answer: बच्चों को दस्त उल्टी या पेट दर्द होने पर सबसे पहले उन्हें ओआरएस का घोल पिलाएं ताकि शरीर में पानी की कमी ना हो। एक चुटकी हींग को पानी में घोलकर नाभि के आसपास लगाने से गैस में आराम मिलता है। अदरक का रस और शहद मिलाकर चटाने से उल्टी बंद होती है। जीरे का पानी पेट दर्द में बहुत फायदेमंद होता है। केले को मसलकर खिलाने से दस्त में आराम मिलता है। बच्चे को हल्का खाना दें जैसे खिचड़ी या दलिया।
Suvichar 6. जिन बच्चों को कम उम्र में ही चश्मा लग गया है वो मोबाइल के शिकार हैं
Answer: आजकल छोटे बच्चों को जल्दी चश्मा लग रहा है इसकी मुख्य वजह है मोबाइल और टीवी की स्क्रीन। बच्चे घंटों मोबाइल में गेम खेलते हैं या कार्टून देखते रहते हैं जिससे आंखों पर जोर पड़ता है। बहुत पास से या अंधेरे में पढ़ने से भी आंखें कमजोर होती हैं। विटामिन ए की कमी भी आंखों के लिए नुकसानदेह है। बच्चों को रोज गाजर पालक और हरी सब्जियां खिलाएं। मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल कम से कम करवाएं। बच्चों को बाहर खेलने के लिए भेजें।
Suvichar 7. मेहंदी लगाने का सही समय और तरीका बहुत जरूरी है
Answer: मेहंदी लगाने से पहले बालों को अच्छे से धो लें। मेहंदी को रात भर भिगोकर रखें और सुबह उसमें अंडा या दही मिलाएं। नींबू का रस डालने से रंग गहरा आता है। मेहंदी को हाथ से या ब्रश से बालों की जड़ों में अच्छे से लगाएं। सिर को प्लास्टिक की टोपी से ढक लें ताकि मेहंदी सूखे नहीं। कम से कम तीन घंटे बाद धोएं। महीने में दो बार मेहंदी लगाना अच्छा रहता है। शुद्ध और अच्छी क्वालिटी की मेहंदी ही खरीदें।
Suvichar 8. एड़ियों की सही देखभाल जरूरी है
Answer: एड़ियों के दर्द से बचने के लिए हमेशा आरामदायक और नरम तलवे वाले जूते पहनें। बहुत ऊंची हील के जूते ना पहनें। रोज रात को पैरों की मालिश जरूर करें। अपने वजन को नियंत्रित रखें क्योंकि ज्यादा वजन से पैरों पर दबाव पड़ता है। सुबह उठते ही एकदम फर्श पर पैर ना रखें पहले थोड़ा पैरों को हिलाएं। कैल्शियम वाली चीजें जैसे दूध दही और हरी सब्जियां खाएं। गर्म पानी से सिकाई करने से भी आराम मिलता है।
Suvichar 9. बच्चों की आंखों की रोशनी बचाना सबसे जरूरी है
Answer: बच्चों की आंखों की देखभाल के लिए सबसे पहले मोबाइल और टीवी का समय सीमित करें। दो साल से छोटे बच्चों को मोबाइल बिल्कुल ना दें। बड़े बच्चों को दिन में एक या दो घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम ना दें। पढ़ाई करते समय अच्छी रोशनी का ध्यान रखें। बच्चों को गाजर का जूस रोज पिलाएं क्योंकि इसमें विटामिन ए होता है। बादाम और अखरोट भी आंखों के लिए फायदेमंद हैं। बच्चों को बाहर खेलने के लिए भेजें। साल में एक बार आंखों की जांच जरूर करवाएं।
Suvichar 10. प्लास्टिक से दूर रहें स्टील अपनाएं
Answer: प्लास्टिक की जगह हमेशा स्टील के बर्तन इस्तेमाल करें क्योंकि ये सबसे सुरक्षित हैं। कांच के बर्तन भी अच्छे होते हैं लेकिन टूटने का डर रहता है। मिट्टी के बर्तन में खाने का स्वाद भी अच्छा आता है और ये सेहत के लिए भी बढ़िया हैं। तांबे के बर्तन में पानी पीना फायदेमंद होता है। पीतल के बर्तन भी पुराने समय से इस्तेमाल होते आए हैं। खाना गर्म करने के लिए माइक्रोवेव सेफ कांच के बर्तन इस्तेमाल करें। बच्चों को भी स्टील की प्लेट और कटोरी में खाना दें ना कि प्लास्टिक में।
Disclaimer: यह जानकारी घरेलू नुस्खों सुविचारों और सामान्य अनुभवों पर आधारित है। किसी भी गंभीर बीमारी या लगातार होने वाली समस्या के लिए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। छोटे बच्चों के साथ कोई भी घरेलू उपाय आजमाने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से बात करें। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है इसलिए किसी भी नुस्खे का असर अलग अलग हो सकता है। गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी वाले लोगों को कोई भी घरेलू उपाय डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। यह जानकारी सिर्फ जागरूकता के लिए दी गई है।